मा बहुत दर्द सेह कर,
बहुत दर्द दे कर..
तुजसे कुछ केह कर
मे जा रही हुं..
आज मेरी विदाई में जब.
सखियां मिलने आयेगी..
सफेद जोडे मे मुजे लिपटा
देख कर सिसक – सिसक मर जायेगी..
लडकी होने का खुद पे
फिर वो अफसोस जतायेगी..
मा तु उनसे ईतना केह देना,
दरिन्दो की दुनियां मे
संभल कर रेहना..
मा राखी पर जब भैया की कलाई
सुनी रेह जायेगी,
याद मुजे कर-कर जब
उनकी आंख भर आयेगी..
तीलक माथे पर करने को
मा रुह मेरी भी मचल जायेगी..
मा तु भैया को रोने ना देना ,
मै साथ हुं हर पल
उनसे केह देना..
मा पापा भी
चुप-चुप के
बहुत रोयेगें..
मै कुछ ना कर पाया ये केह के
खुद को कोसेगे..
मा दर्द उन्हे ये होने ना देना,
इल्जाम कोइ अपने सर लेने ना देना..
वो अभिमान है मेरा
सम्मान है मेरा,
तु उनसे इतना केह देना..
मा तेरे लीऐ अब क्या कहुं,
दर्द को तेरे शब्दो
मै कैसे बांधु..
फिर से जीने का मौका कैसे मांगुं,
मा लोग तुजे सतायेगें
मुजे आजादी देने को तुजपे इल्जाम लगायेगे.
मा सब सेह लेना पर
ये हरगिज ना केहना
“अगले जनम मोहै बिटियां
ना देना ”
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(Very Touching..)
